नौ दिनों तक मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करें। फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें। पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है। काली : ऊँ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं https://laxmi37801.mybuzzblog.com/19479042/the-best-side-of-tantrik-karmic-vigyaan